Warning: Trying to access array offset on value of type int in /home/u611343930/domains/hindsamarthan.com/public_html/wp-content/themes/newsair/css/dynamic-css.php on line 57

Warning: Trying to access array offset on value of type int in /home/u611343930/domains/hindsamarthan.com/public_html/wp-content/themes/newsair/css/dynamic-css.php on line 58

Warning: Trying to access array offset on value of type int in /home/u611343930/domains/hindsamarthan.com/public_html/wp-content/themes/newsair/css/dynamic-css.php on line 81

Warning: Trying to access array offset on value of type int in /home/u611343930/domains/hindsamarthan.com/public_html/wp-content/themes/newsair/css/dynamic-css.php on line 82
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सरकार ने राज्य में ओबीसी आरक्षण नीति में बड़ा बदलाव किया -
Breaking
Sun. Sep 20th, 2026

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सरकार ने राज्य में ओबीसी आरक्षण नीति में बड़ा बदलाव किया

राज्य सरकार ने दावा किया कि पिछली सरकारों द्वारा मुस्लिम समुदायों को ओबीसी लिस्ट में शामिल करना कानूनी रूप से कमजोर और “वोट बैंक राजनीति” से प्रेरित था। सरकार ने कलकत्ता हाई कोर्ट की उन टिप्पणियों का भी हवाला दिया, जिनमें कई मुस्लिम समूहों को ओबीसी सूची में शामिल करने को असंवैधानिक बताया गया था।पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सरकार ने राज्य में ओबीसी आरक्षण नीति में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने कुल ओबीसी आरक्षण को 17 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही मुस्लिम समुदायों को दिए जा रहे ओबीसी लाभ तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का फैसला लिया गया है।सरकार के अनुसार, पहले ओबीसी कैटेगरी-ए में 10 प्रतिशत और ओबीसी कैटेगरी-बी में 7 प्रतिशत आरक्षण था। अब केवल कुल 7 प्रतिशत आरक्षण ही लागू रहेगा। नई नीति के तहत यह आरक्षण केवल “वास्तविक पिछड़े हिंदू समुदायों” को दिया जाएगा, जो एससी और एसटी श्रेणी में नहीं आते। अब बंगाल में कुल 66 जातियां/समुदाय ही OBC आरक्षण के दायरे में आएंगे। इन्हें ही सरकारी नौकरियों और अन्य सरकारी पदों पर 7 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा।नई व्यवस्था सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में तुरंत लागू होगी। विपक्ष ने इस फैसले की आलोचना शुरू कर दी है, जबकि भाजपा सरकार इसे संवैधानिक सुधार बता रही है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *