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Wed. Mar 11th, 2026
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दिल्ली :लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर गृहमंत्री अमित शाह ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला. अमित शाह ने कहा कि विपक्ष नियमों को मानता नहीं है. हमने कभी विपक्ष की आवाज को नहीं दबाई. राहुल पर हमला बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि जब बोलने का मौका होता है तो इंग्लैंड-जर्मनी में होते हैं. जनता की आवाज तो 1975 में दबाई गई थी. विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया है, जिस पर चर्चा जारी है. इस दौरान अमित शाह ने कहा, ‘पूरे देश में भाजपा की छवि खंडित करने के लिए प्रचार किया जा रहा है कि उन्हें (विपक्ष) बोलने नहीं दिया जाता लेकिन जो लोग यह प्रयास कर रहे हैं उनसे मैं कहना चाहता हूं कि इससे भाजपा की छवि खंडित नहीं होती क्योंकि कौन बोलेगा, कब बोलेगा, कितना बोलेगा और क्या बोलेगा वह निर्णय सत्ताधारी पार्टी नहीं स्पीकर करते हैं.’ अमित शाह ने कहा, ‘मैं साफ करना चाहता हूं कि हमने कभी विपक्ष की आवाज दबाने का काम नहीं किया.विपक्ष की आवाज दबाने का काम 1975 में हुआ था जब समूचे विपक्ष को जेल में बंद कर दिया गया था. उसे विपक्ष की आवाज दबाना कहते हैं.

शाह ने कहा, ‘इनमें कितनी गंभीरता है मैं बताता हूं. 80% से अधिक भाषण स्पीकर के आचरण पर नहीं सरकार का विरोध करने के लिए है. सरकार का विरोध करने के लिए ढेर सारी धाराएं और नियम हैं. आप सरकार का विरोध करने के लिए लोकतंत्र की गरिमा के प्रतीक लोकसभा स्पीकर पर सवालिया निशान लगा रहे हैं.’ गृह मंत्री ने कहा,’कुछ सदस्यों ने कहा कि यह(अविश्वास प्रस्ताव) माइक के कारण आया है, माइक बंद होता है. अभी गिरिराज सिंह भी खड़े होकर पप्पू यादव के खिलाफ बोल रहे थे तो उनका माइक बंद कर दिया गया. मंत्री होने के बावजूद भी माइक बंद होता है. यह सदन नियमों से चलता है, जो नियमों, अनुशासन से नहीं चलेगा उसका माइक बंद होगा और बंद हो ही जाना चाहिए.’

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