संयुक्त अरब अमीरात का मानना है कि पीएम मोदी का एक फोन कॉल ईरान और इजरायल के बीच युद्ध को एक झटके में खत्म कर सकता है. जी हां, भारत में यूएई (UAE) के पहले राजदूत हुसैन हसन मिर्जा ने यह बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि उनका देश इस युद्ध में शामिल नहीं होना चाहता है.
भारत में यूएईए यानी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पहले राजदूत हुसैन हसन मिर्ज़ा ने कहा, ‘हम दोनों के बीच मध्यस्थता कर सकते हैं. यूएई संभावित रूप से विरोधी पक्षों के बीच बातचीत का पुल बनने में मदद कर सकता है.’ इतना ही नहीं, मिर्जा ने इस इलाके में भारत के नेतृत्व के प्रभाव पर भी ज़ोर दिया. उन्होंने तर्क दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का खाड़ी देशों में व्यापक सम्मान है. न केवल राजनीतिक नेताओं के बीच बल्कि कारोबारी हलकों और आम जनता के बीच भी. उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे समय में जब तनाव बहुत चरम पर है, उनकी यह विश्वसनीयता इजरायल और ईरान दोनों पर असर डाल सकती है.


