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Thu. Aug 6th, 2026
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बाढ़ से अत्यधिक प्रभावित 12 जनपदों में राहत कार्यों के प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए 11 मंत्रियों को प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह विशेष “टीम-11” प्रभावित जिलों में राहत कार्यों की निगरानी कर रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पीड़ित सहायता से वंचित न रहे। प्रभारी मंत्री राहत शिविरों का निरीक्षण कर रहे हैं, प्रभावित परिवारों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, और राहत कार्यों को तीव्र गति प्रदान कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। वर्तमान में प्रदेश के 22 जनपदों की 48 तहसीलें बाढ़ से प्रभावित हैं, जिनमें कुल 589 ग्राम जलमग्न हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है।बाढ़ प्रभावित जनपदों में राहत कार्यों के लिए अब तक 60.76 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है। प्रदेश में 1,617 बाढ़ चौकियां और 1,222 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं, जहां 85,437 प्रभावित लोगों को आश्रय प्रदान किया गया है। बाढ़ प्रभावित लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 1,124 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए 5,83,758 क्लोरीन टैबलेट और 2,88,860 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। इसके अलावा, 84,110 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 67,109 राहत खाद्यान्न पैकेट और 7,99,734 लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। बाढ़ के कारण अब तक 573 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से 486 मकानों के लिए सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। इसके साथ ही, 84,700 प्रभावित पशुओं के लिए 11,640.3 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है।

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