यह मंदिर तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई जिले में अरनी शहर के पास स्थित है। चार करोड़ रुपये की संपत्ति दान करने वाले भक्त की पहचान सेवानिवृत्त सेना अधिकारी एस विजयन के रूप में हुई है। केशवपुरम गांव के मूल निवासी विजयन बचपन से ही मंदिर में पूजा करते आ रहे हैं। अपनी पत्नी वी कस्तूरी (56) से मतभेद के बाद वे करीब दस साल से अकेले रह रहे हैं।जानकारी के अनुसार, 24 जून को मंदिर की दान पेटी में 4 करोड़ की दो संपत्तियों के दस्तावेज मिले। मंदिर प्राधिकरण के सदस्य ये दस्तावेज पाकर हैरान रह गए। दरअसल, तमिलनाडु के अरुलमिगु रेणुगांबल अम्मन मंदिर में मंदिर प्राधिकरण के सदस्य हर दो महीने में एक बार भक्तों से मिलने वाले दान, आमतौर पर नकद चढ़ावे की गिनती करते हैं। मंगलवार चढ़ावे की गिनती के दौरान मंदिर के सदस्य 4 करोड़ की दो संपत्तियों के मूल दस्तावेज पाकर हैरान रह गए। 65 वर्षीय पूर्व सैनिक की दो बेटियां हैं, दोनों विवाहित हैं और चेन्नई और वेल्लोर में रहती हैं। हालांकि, उन्हें कथित तौर पर अपने परिवार से कोई सहायता नहीं मिलती है। उनकी बेटियां उन पर संपत्ति अपने नाम करने के लिए दबाव डाल रही थीं। एस विजयन का कहना है कि मुझे अपने बच्चों द्वारा दैनिक खर्चों के लिए भी अपमानित किया जाता था। उन्होंने कहा, “मैं अपने वचन से पीछे नहीं हटूंगा। मंदिर के अधिकारियों से परामर्श करने के बाद मैं कानूनी रूप से अपनी संपत्ति मंदिर को हस्तांतरित करूँगा।


