जगदीप सिंह भारतीय मूल के आंत्रप्रेन्योर हैं, जिन्होंने 2010 में क्वांटमस्केप नाम की कंपनी की स्थापना की. यह कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए सॉलिड-स्टेट बैटरियों पर काम करती है. उनकी बैटरियों ने ईवी इंडस्ट्री में क्रांति ला दी है. चार्जिंग समय को कम करना और ऊर्जा दक्षता को बढ़ाना, उनकी बैटरियों की सबसे बड़ी खासियत है. इनोवेशन के क्षेत्र में इस तरह के योगदान ने उन्हें वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाई.भारतीय मूल के जगदीप सिंह की सालाना सैलरी 17,500 करोड़ रुपये है. यानी एक दिन के करीब 48 करोड़ रुपये बनते हैं. चलिए, इनके बारे में विस्तार से जानते हैं.जगदीप सिंह की शिक्षा और अनुभव की बात करें तो रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से बीटेक और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से एमबीए की डिग्री हासिल की है. इसके बाद उन्होंने कई बड़ी नामी कंपनियों में काम किया और अपनी खुद की कंपनी भी शुरू की. उनकी मेहनत और दूरदर्शिता ने क्वांटमस्केप को न केवल एक सफल व्यवसाय बल्कि टेक्नोलॉजी इनोवेशन की नई परिभाषा बना दिया.जगदीप सिंह की कंपनी, क्वांटमस्केप, 2020 में अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्ट हुई. निवेशकों का भारी समर्थन मिलने के कारण कंपनी का मूल्यांकन तेजी से बढ़ा. सिंह के सैलरी पैकेज में 2.3 बिलियन डॉलर के शेयर शामिल थे, जिससे उनकी सालाना आय 17,500 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई. यह सैलरी उन्हें न केवल इंडस्ट्री में सबसे अधिक वेतन पाने वाला व्यक्ति बनाती है, बल्कि उनके द्वारा किए गए काम की खासियत को भी दिखाती है.यह कहानी किसी एक शख्स की नहीं, बल्कि एक भारतीय प्रतिभा की है, जो इस समय ग्लोबल स्तर पर पहचान पा चुकी है. जगदीप सिंह ने काम ही ऐसा किया है कि उनका नाम अब दुनिया का सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले सीईओ के तौर पर दर्ज हो चुका है. उनकी जर्नी इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी की टेक्नोलॉजी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की मिसाल है.