लखनऊ:बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने संगठन के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने पार्टी प्रदेश कार्यालय में यूपी और उत्तराखंड के पदाधिकारियों को संबोधित किया। कहा कि यूपी सरकार धार्मिक मुद्दों की आड़ में स्वार्थ की राजनीति कर रही है। देश व समाज को संकीर्ण जातिवादी व साम्प्रदायिक तत्वों की जकड़ से निकालने के लिए दलित व अम्बेडकरवादी बहुजनों को अपना संघर्ष ढीला नहीं पड़ने देना है, बल्कि इसको और अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव में धनबल, बाहुबल और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया। कहा कि साफ-सुथरा चुनाव कराना चुनौती बन चुका है। यह संविधान और लोकतंत्र के लिए खतरा बन चुका है। इसका चेक एंड बैलेंस जरूरी है।