जिन लोगों को दोषी करार दिया गया है, उनमें पहले दोषी का नाम कमलेश राजदेव साहनी है। कमलेश, पालघर जिले के वसई का रहने वाला है। इसके अलावा अन्य दो आरोपी रूपेश रांभू साह और मंटू रामधर पटेल बिहार के रहने वाले हैं। सरकारी वकील वर्षा आर. चंदाने ने अदालत को बताया कि वर्ष 2016 में 22 नवंबर की रात को आरोपियों ने 23 वर्षीय शिवशंकर को पत्थरों से वार कर मार डाला। इसके बाद शिवशंकर के सोने के आभूषणों को लूटा गया। सरकारी वकील ने आगे बताया कि शिवशंकर के चेहरे को बुरी तरह से कुचला गया ताकि उसकी पहचान न हो सके।
तीनों अपराधियों पर हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया गया। इसके साथ ही लूट और सबूतों को नष्ट करने का भी आरोप लगाया गया। न्यायाधीश ने कहा कि आरोपियों ने बेहद बर्बरता से हत्या को अंजाम दिया है। अदालत ने यह भी कहा कि जिस युवक की हत्या की गई है, वह अपने परिवार का इकलौता बेटा था।


