Breaking
Mon. Jul 27th, 2026
Spread the love

म‍िड‍िल ईस्ट जंग को तीन हफ्ते बीत चुके हैं, और हर बीतते द‍िन के साथ तनाव और गहराता जा रहा है. अमेरिका बड़े हमले की चेतावनी दे रहा है तो ईरान भी पलटवार और बदला लेने की बात कह रहा है. जंग से अब नुकसान का दायरा भी बढ़ता जा रहा है. आर्थिक तौर पर पूरी दुनिया इस जंग की चपेट में आ चुकी है. खासकर शेयर बाजार के निवेशक खून के आंसू रो रहे हैं. ये संकट केवल भारतीय शेयर बाजार के लिए नहीं है, वैश्विक बाजार के हालात भी बेहद चिंताजनक हैं.

अमेरिका सुपरपावर है और वो इस जंग में इजरायल का साथ दे रहा है. भले ही ईरान सीधे अमेरिका पर हमला नहीं कर पा रहा है. लेकिन जंग ने अमेरिकी शेयर बाजार को हिलाकर रख दिया है. जापान के शेयर बाजार में भी कोहराम मचा है, जहां 12 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है. खासकर, Nikkei 225 एशिया की सबसे ज्यादा प्रभावित मार्केट्स में से एक रही है, जंग की वजह से जापान के शेयर बाजार में 60-70 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो चुके हैं.

अब अगर भारतीय बाजार की बात करें तो यहां भी झटका बड़ा है. सोमवार को प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 22500 से नीचे लुढ़क गया. सेंसेक्स-निफ्टी में सोमवार को करीब 2.50 फीसदी की गिरावट रही. किसी भी निवेशक को ये आंकड़ा झकझोर सकता है. मिडिल-ईस्ट में अशांति की वजह से निफ्टी और सेंसेक्स तीन हफ्ते में करीब 12 फीसदी गिरा है. अब जब इंडेक्स में इतनी बड़ी गिरावट आई है तो इक्विटी मार्केट में खून-खराबा मचना लाजिमी है.

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *