पुलिस ने सूरत से राजेश रतनभाई हाडिया को गिरफ्तार किया, जिसके बैंक खाते में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी. पुलिस के अनुसार आरोपी कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराता था.दूसरे मामले में महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 36.19 लाख रुपये ठग लिए गए. ठगों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच, सीबीआई, ईडी और ट्राई का अधिकारी बताकर महिला को घंटों वीडियो कॉल पर रखा. फर्जी एफआईआर, सुप्रीम कोर्ट के दस्तावेज और गिरफ्तारी वारंट दिखाकर उसे डराया गया कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है. मानसिक दबाव में आकर महिला ने अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर दी. इस मामले में राजस्थान के कोटा से मुसवीर खान को गिरफ्तार किया गया.तीसरे मामले में गगन विहार निवासी व्यक्ति को फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग वेबसाइट के जरिए 40.12 लाख रुपये का चूना लगाया गया. फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से निवेश के लिए प्रेरित किया गया. शुरुआत में छोटी रकम निकालने दी गई ताकि भरोसा बना रहे, लेकिन बाद में बड़ी रकम निकालने के नाम पर टैक्स और चार्ज मांगे गए. जांच में भोपाल से शुभम राठौर को गिरफ्तार किया गया, जिसके खाते में 1.38 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन मिला.


