गणेशोत्सव का माहौल छा गया है और COLORS पर जश्न एक नया मोड़ लेने वाला है, क्योंकि दो महिलाएं अन्याय के अलग-अलग रूपों का सामना कर रही हैं। जहाँ ‘मन्नत – हर खुशी पाने की’ की मन्नत (आयशा सिंह) को अपने पति और उससे जुड़े फैसलों के कारण आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, वहीं ‘डॉ. आरंभी’ (ऐश्वर्या खरे) को अपने पति विश्वास के धोखे और क्रूरता का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी, इस उथल-पुथल के बीच एक अनूठा रिश्ता बनता है – जो इस त्योहार के मौसम में नारी शक्ति को केंद्र में लाता है। अपनी मुश्किलों से हार मानने के बजाय, आरंभी मन्नत की मदद के लिए हाथ बढ़ाती है और यह बताती है कि जब दुनिया किसी महिला को गलत ठहराती है, तो महिलाओं को एक-दूसरे का साथ देना चाहिए। और आरंभी के लिए लड़ाई तब और भी गंभीर हो जाती है जब उसे पता चलता है कि अवंतिका, टंडन परिवार में अपनी जगह पक्की करने के लिए विश्वास के साथ हुई अपनी बेटी का इस्तेमाल मोहरे की तरह कर रही है। क्या आरंभी एक ऐसी ताकत बनकर उभरेगी जो अवंतिका की चालों को खत्म कर देगी?
*डॉ. आरंभी का किरदार निभाने वालीं ऐश्वर्या खरे कहती हैं,* “मैं बप्पा का शुक्रिया अदा करती हूं कि डॉ. आरंभी को इतना प्यार मिल रहा है। यह त्योहार आरंभी के लिए इसलिए खास है क्योंकि वह अपनी ज़िंदगी की मुश्किलों (‘विघ्नों’) का सामना कर रही है, लेकिन वह अपने दर्द की वजह से किसी और के संघर्ष के प्रति बेपरवाह नहीं होना चाहती। जब वह देखती है कि मन्नत को गलत ठहराया जा रहा है और उसकी आलोचना हो रही है, तो आरंभी उसके साथ खड़ी होने का फैसला करती है और उसे एक महिला के तौर पर उसकी ताकत की याद दिलाती है। मेरे लिए नारी शक्ति का यही मतलब है – सिर्फ़ अपनी लड़ाई लड़ना ही नहीं, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर दूसरी महिला का हाथ थामने का साहस रखना भी। मुझे लगता है कि दर्शक आरंभी की नारी शक्ति का एक बिल्कुल नया रूप देखेंगे, क्योंकि वह एक महिला का साथ देने से आगे बढ़कर एक ऐसी लड़ाई लड़ रही है जिससे उसकी सबसे प्यारी चीज़ों पर खतरा मंडरा रहा है।”
*देखिए ‘डॉ.* ‘आरंभी’, सोमवार से शुक्रवार रात 8:00 बजे सिर्फ़ कलर्स और जियोहॉटस्टार पर।*

