कोलकाता के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां रात करीब 1:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वह 71 वर्ष के थे। उनके पुत्र शुभ्रांशु रॉय ने बताया कि वह लंबे समय से कई बीमारियों से जूझ रहे थे। मुकुल रॉय ने 2017 में तृणमूल कांग्रेस से दूरी बनाते हुए बीजेपी का दामन थाम लिया था। 2021 के विधानसभा चुनाव में वे भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए, लेकिन बाद में उसी वर्ष जून में फिर तृणमूल कांग्रेस में लौट आए। वापसी के बाद उनकी सक्रियता पहले जैसी नहीं रही।


