दिल्ली के विज्ञान भवन में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन के दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अतीत और वर्तमान की तुलना करते हुए कहा कि एक दौर वह भी था जब बेटियों के अस्तित्व पर ही संकट मंडरा रहा था. सामाजिक कुरीतियों और भेदभाव के कारण बेटियां हाशिए पर थीं. लेकिन आज परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा, “माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश अब केवल ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ तक सीमित नहीं है, बल्कि हम ‘बेटी बढ़ाओ’ के एक नए और स्वर्णिम युग में प्रवेश कर चुके हैं.” सम्मेलन के मुख्य वक्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार, शिक्षा, विज्ञान, खेल, सामाजिक कार्य और अलग-अलग क्षेत्रों की जानी मानी हस्तियों की उपस्थिति में अपनी बात कही.दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भारत की निरंतर हो रही प्रगति, चहुंमुखी विकास और वैश्विक पटल पर बढ़ती पहचान के मूल में ‘नारी शक्ति’ निहित है. उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की भारतीय नारी ने अपनी एक विशिष्ट और सशक्त पहचान बनाई है, जो देश के गौरव को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है.मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की हर नीति और योजना के केंद्र में महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और स्वावलंबन को सर्वोपरि रखा गया है. उन्होंने कहा स्वच्छ भारत अभियान इसके तहत निर्मित करोड़ों शौचालयों ने महिलाओं को खुले में शौच की मजबूरी से मुक्ति दिलाकर उनकी गरिमा की रक्षा की है. उज्ज्वला योजना ने धुएं से भरी रसोई से मुक्ति दिलाकर करोड़ों महिलाओं के स्वास्थ्य को सुधारा है. जनधन खातों के माध्यम से महिलाओं को सीधे बैंकिंग प्रणाली से जोड़कर उन्हें वास्तविक आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान की गई है. रेखा गुप्ता ने इन सभी कदमों को महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर करार दिया.


