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Fri. Aug 7th, 2026
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पीएम मोदी ने कहा- महिलाओं को नीति निर्धारण का हिस्सा बनाना समय की मांग है। पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक महिलाएं आना चाहती हैं। कुछ लोग अपनी सीट खोने की वजह से इस बिल का विरोध कर रहे हैं। जो आज इस बिल का विरोध करेगा वह लंबे समय तक कीमत चुकाएगा। साथ मिलकर इस बिल को पास कराएंगे तो सभी का फायदा होगा। ये लोग पंचायत में महिला आरक्षण का विरोध नहीं करते हैं। जो इस बिल का विरोध करेगा वह चुनाव हार जाएगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर लोकसभा को संबोधित किया। महिला आरक्षण पर पीएम मोदी ने कहा कि आवश्यकता तो ये थी कि 25-30 साल पहले, जब ये विचार सामने आया तभी इसे लागू कर देते। आज हम इसे काफी परिपक्वता तक पहुंचा देते। आवश्यकतानुसार उसमें समय-समय पर सुधार होते और यही तो लोकतंत्र की खूबसूरती होती है। पीएम मोदी ने कहा कि मैं चाहता हूं कि ये बिल सर्वसम्मित से पास हो।महिला आरक्षण कानून पर लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “भारत 21वीं सदी में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। मैं मानता हूं कि विकसित भारत का मतलब, सिर्फ उत्तम प्रकार की रेल, कुछ इंफ्रास्ट्रक्चर, रास्ते या कुछ आर्थिक प्रगति के आंकड़े… सिर्फ इतने से वि​कसित भारत की सीमित कल्पना वाले हम नहीं हैं। हम चाहते हैं कि विकसित भारत के नीति निर्धारण में सबका साथ—सबका विकास का मंत्र समाहित हो। देश की 50 प्रतिशत जनसंख्या देश की नीति निर्धारण का ​हिस्सा बने, ये समय की मांग है। हम पहले ही देरी कर चुके हैं, कारण कुछ भी हो, जिम्मेदार कोई भी हो। इसे हमें स्वीकार करना होगा।

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