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प्रधानमंत्री ने दोनों नेताओं को अगले भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के लिए भारत आमंत्रित किया। दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक ताकतों के रूप में, भारत और यूरोपीय संघ के बीच विश्वास, साझा मूल्यों और भविष्य के लिए एक समान दृष्टिकोण पर आधारित एक मजबूत और घनिष्ठ संबंध है।पीएम मोदी ने यूरोपियन काउंसिल और यूरोपियन कमीशन के प्रेसिडेंट से फोन पर बात की। इस दौरान व्यापार, निवेश और रक्षा समेत कई मुद्दों पर बात हुई। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ संयुक्त टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान तीनों नेताओं ने व्यापार, प्रौद्योगिकी, निवेश, नवाचार, स्थिरता, रक्षा, सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला लचीलेपन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति का स्वागत किया। नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र संपन्न करने की प्रतिबद्धता दोहराई और यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।बातचीत के दौरान पीएम मोदी और यूरोपीय संघ के नेताओं ने वैश्विक मुद्दों को संयुक्त रूप से संबोधित करने, स्थिरता को बढ़ावा देने और पारस्परिक समृद्धि के लिए नियम-आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने में भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी की भूमिका को रेखांकित किया। बातचीत के दौरान व्यापार, प्रौद्योगिकी, निवेश, नवाचार, स्थिरता, रक्षा, सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला लचीलेपन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति का दोनों पक्षों के नेताओं ने स्वागत किया। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) वार्ताओं के शीघ्र समापन और IMEEC गलियारे के कार्यान्वयन के लिए भारत और यूरोपीय संघ ने प्रतिबद्धता जताई।

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