दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता और दोनों आरोपी अब भी मित्र हैं। उनके बीच फिलहाल कोई मौजूदा शिकायत नहीं है। इसलिए इस केस में दोषसिद्धि की संभावना काफी कम है और आपराधिक कार्यवाही जारी रखने से कोई मकसद पूरा नहीं होगा।दिल्ली हाईकोर्ट ने दोस्तों के बीच हुए विवाद के बाद दर्ज FIR को रद्द करते हुए दोनों पक्षों को मणिपुर के एक हॉस्पिटल में सामुदायिक सेवा करने का निर्देश जारी किया। हाईकोर्ट ने यह निर्देश दोनों पक्षों में विवाद सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझ जाने के बाद दिया है।दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि दोनों दोस्तों को हॉस्पिटल के Medical Superintendent के पास रिपोर्ट करना होगा, जो उन्हें उपयुक्त काम देंगे। सामुदायिक सेवा शुरू होने की तारीख से इन 6 सेशन को 2 महीने में पूरा करना होगा। इसके बाद Medical Superintendent उन्हें अनुपालन प्रमाणपत्र देंगे, जिसे अदालत के रिकॉर्ड में डाला जाएगा।इसके अलावा, हाईकोर्ट ने दोनों आरोपियों को दो हफ्ते में दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन को सामूहिक तौर पर 10 हजार रुपये का भुगतान करने का निर्देश भी दिया। गौरतलब है कि यह आदेश यहां डाबड़ी पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR को रद्द करने की अपील से जुड़ी याचिका को मंजूर करते हुए दिया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने दोस्तों के बीच हुए विवाद के बाद दर्ज FIR को रद्द करते हुए दोनों पक्षों को मणिपुर के एक हॉस्पिटल में सामुदायिक सेवा करने का निर्देश जारी किया

