बॉलीवुड के गीतकार जावेद अख्तर ने कहा कि जो बन गया उसे उसी तरह रहने दो। री-क्रिएट करने की क्या जरूरत है? फिल्म हकीकत (1964) के गाने बहुत अच्छे थे। हालांकि हमने उन्हें इस्तेमाल नहीं किया। हमने नए गाने लिखे और लोगों ने इन्हें भी खूब पसंद किया। आप एक नई फिल्म बना रहे हैं, तो नए गाने भी बनाओ। आप पिछले वाले पर क्यों आश्रित हो? आपने मान लिया कि आप उस तरह का नहीं कर सकते।जब से फिल्म ‘बॉर्डर 2’ के गाने रिलीज हुए हैं तब से इस पर बहस हो रही है। फिल्म के ज्यादातर गाने ‘बॉर्डर’ के गाने से री-क्रिएट किए गए हैं। जिन लोगों ने फिल्म ‘बॉर्डर’ के गाने सुने हैं, उन्हें नए गाने सुनकर थोड़ा अजीब लग रहा है। सोशल मीडिया पर कई फैंस ने मांग की है कि जावेद अख्तर और अनु मलिक को दोबारा लाया जाना चाहिए, क्योंकि उस फिल्म के गाने जावेद अख्तर ने लिखे थे। इस बारे में गीतकार जावेद अख्तर ने अपनी बात रखी है।
खबरों के मुताबिक फिल्ममेकर्स ने फिल्म के गाने लिखने के लिए जावेद अख्तर से संपर्क किया था। हालांकि उन्होंने फिल्म के गाने लिखने से मना कर दिया। फिल्म के गाने को लेकर चल रही बहस पर जावेद अख्तर ने कहा ‘उन्होंने मुझसे फिल्म के लिए लिखने को कहा लेकिन मैंने मना कर दिया। मुझे सच में लगता है कि यह एक तरह का रचनात्मक दिवालियापन है। आपके पास एक पुराना गाना है, जो पहले से अच्छा है और आप उसमें कुछ और जोड़कर उसे फिर से बनाना चाहते हो? नए गाने बनाओ, वर्ना यह मान लो कि तुम उस स्तर का काम नहीं कर सकते।’


