मुंबई (दानिश खान)गायिका और परफ़ॉर्मर पूनमिका पाटवर्धन, जो बचपन से ही सुर्खियों में रही हैं, अपने नवीनतम ओरिजिनल ट्रैक नचना को मिल रहे जबरदस्त प्यार से बेहद खुश हैं। अभिनय, परफ़ॉर्मिंग और अब संगीत—इन सभी क्षेत्रों में फैला उनका सफ़र सीखने, खोजने और भावनात्मक गहराई से भरा रहा है। अपने गाने को मिल रही सराहना के लिए आभार जताते हुए, वह कहती हैं कि यह प्यार उन्हें और भी अर्थपूर्ण और दिल से जुड़ा संगीत रचने के लिए प्रेरित करता है।
1. आपके गाने नचना को बहुत प्यार मिल रहा है। इस प्रतिक्रिया को देखकर कैसा लग रहा है?
नचना को मिल रहे प्यार और सकारात्मक प्रतिक्रिया से मैं बेहद विनम्र और उत्साहित महसूस कर रही हूँ। यह मुझे और अधिक सार्थक संगीत बनाने और दिल से गाने के लिए प्रेरित करता है।
2. आप बचपन से ही एक परफ़ॉर्मर रही हैं और अब एक सिंगर के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। इस सफ़र ने आपको कैसे गढ़ा है?
मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानती हूँ कि मुझे बहुत कम उम्र से परफ़ॉर्म करने का मौका मिला। इससे मुझे दुनिया घूमने, अलग-अलग संस्कृतियों को देखने और विविध अनुभवों से सीखने का अवसर मिला। ये सभी अनुभव आज मेरे व्यक्तित्व और मेरे संगीत में झलकते हैं।
3. नचना के बाद आप किस तरह के म्यूज़िक और प्रोजेक्ट्स एक्सप्लोर करना चाहती हैं?
संगीत एक महासागर की तरह है—असीम और लगातार बदलता हुआ। मैं खुद को किसी एक शैली तक सीमित नहीं करना चाहती। जो भी शैली मुझे प्रेरित करे, मैं उसे एक्सप्लोर करना चाहूँगी।
4. एंटरटेनमेंट के अलग-अलग दौर देखने के बाद आप आज के दर्शकों से कैसे जुड़ती हैं?
आज के दर्शक बहुत जागरूक हैं और दुनिया भर के संगीत से परिचित हैं। मेरा मानना है कि एक अच्छा गाना हर पीढ़ी से जुड़ता है। सच्चा संगीत समय की सीमाओं से परे होता है।
5. आपने कई दिग्गज कलाकारों से मुलाकात की है। क्या कोई ऐसा पल है जिसने आपको एक कलाकार के रूप में गहराई से प्रभावित किया?
बचपन में लता मंगेशकर जी से मिलना मेरे जीवन के सबसे अहम पलों में से एक था। जब मैंने उनके सामने पायोजी मैंने गाया और उन्होंने मुझे जो प्रोत्साहन और मार्गदर्शन दिया, वह अनुभव अविस्मरणीय था। उसी पल ने मुझे पूरे दिल से संगीत को अपनाने की प्रेरणा दी।


