पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी रवि और प्रज्ञा चोवटिया ने विधायक के निजी सहायक की झूठी पहचान बनाकर कई लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे 1 करोड़ 18 लाख 38 हजार 750 रुपये की धोखाधड़ी की है. इसके अलावा, वे व्यापारियों को भी अपने जाल में फंसा रहे थे. जांच में यह भी पता चला है कि उन्होंने व्यापारियों को उनका माल ज़्यादा मार्जिन पर बेचने का भरोसा देकर बड़ी रकम का लेन-देन किया था. फिलहाल, जूनागढ़ पुलिस ने दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है.
गुजरात में सरकारी नौकरी की लालच देकर लोगों को ठगने वाले एक जालसाज दंपती को जूनागढ़ बी डिवीजन पुलिस ने गिरफ्तार किया है. खुद को विधायक का निजी सहायक बताकर रवि और प्रज्ञा चोवटिया जूनागढ़ और आसपास के इलाकों में लोगों को अपनी जाल में फंसाते थे.
खबर के मुताबिक, मूल रूप से अकोलवाड़ी निवासी और वर्तमान में राजकोट के कोठारिया रोड पर रहने वाले पति-पत्नी रवि और प्रज्ञा चोवटिया जूनागढ़ से गुजरात सचिवालय में सरकारी नौकरी का लालच देकर लोगों को ठग रहे थे. जूनागढ़ निवासी शिल्पाबेन भाखर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर लगभग 1 करोड़ 18 लाख 38 हज़ार 750 रुपये की ठगी का मामला सुलझा लिया है.
फर्जी पहचान पत्र से ठगी करने वालों का गिरोह
रवि और प्रज्ञा चोवटिया जूनागढ़ और आसपास के इलाकों में लोगों को अपनी जाल में फंसाते थे. ये दोनों उन्हें गुजरात सचिवालय में सरकारी नौकरी, दिल्ली हाईवे कॉरिडोर में पेड़ लगाने के ठेके, भैंसों के अस्तबल बनाने के लिए 3 करोड़ रुपये की सरकारी मदद और बैंकों से वित्तीय लोन दिलाने का वादा करके ठगते थे.इस तरह वे बड़ी चालाकी से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे. जूनागढ़ निवासी शिल्पाबेन भाखर भी इस दंपत्ती के झांसे में आ गईं. उन्होंने दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग कॉरिडोर में पेड़ लगाने के ठेके के नाम पर उन्हें 50 लाख 8 हजार रुपये दे दिए. हालांकि, ठेका न मिलने पर शिल्पाबेन ने 6 सितंबर, 2025 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने दंपत्ती को गिरफ्तार कर लिया.


