अदालत ने कहा, ‘‘कुत्ते दुनिया के सबसे प्यारे जानवर हैं और इंसानों के सबसे अच्छे दोस्त हैं। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कुत्तों की सुरक्षा की जाए और उनके साथ अच्छा व्यवहार किया जाए।दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि कुत्ते इंसानों के अच्छे दोस्त हैं और उनके साथ अच्छा व्यवहार किया जाना चाहिए। साथ ही न्यायालय ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि राजधानी में कुत्ते-मानव संघर्ष को कम किया जाए। न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों को आवारा कुत्तों के पुनर्वास के संबंध में सिफारिशें देने का निर्देश दिया। यह बताए जाने पर कि लगभग 70 प्रतिशत कुत्तों की नसबंदी से समस्या का समाधान हो जाएगा, न्यायाधीश ने कहा कि प्रस्तावित समाधान पिछले तीन दशकों से जारी था, लेकिन कोई बदलाव नहीं आया। अदालत ने कहा, ‘‘नसबंदी बिल्कुल भी कारगर नहीं है। यह समाधान नहीं है।’’ यह भी अदालत के संज्ञान में लाया गया कि लगभग 200 कुत्ते, जिन्हें पहले एक आश्रय गृह में भेजा गया था, अब सड़क पर छोड़े जाने वाले हैं क्योंकि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा उस अस्थायी आश्रय गृह को ध्वस्त किया जाना है।


