पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान तेजी से हो रहे डिजिटल क्रांति में साइबर सुरक्षा और फ्रॉड को लेकर चिंता भी जताई है। साथ ही, लोगों से इसे लेकर जागरूक रहने की जरूरत है। लोगों को फोन पर आने वाले कॉल, मैसेज और डिजिटल पेमेंट पर नजर रखनी चाहिए। लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए एक ग्लोबल फ्रेमवर्क की जरूरत है। इसके लिए GSMA समेत दुनिया के टेलीकॉम ऑपरेटर्स और स्टेक होल्डर्स के साथ की जरूरत है। यह फ्रेमवर्क डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को और सशक्त बनाने का काम करेगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के यशोभूमि में चल रहे इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण का आज 8 अक्टूबर को विधिवत उद्घाटन किया.पीएम मोदी ने भारत के डिजिटल क्रांति का जिक्र करते हुए कहा कि 2022 में 5G सर्विस को IMC के मंच से ही लॉन्च किया गया था। पिछले चार साल में भारत के हर जिले में 5G नेटवर्क पहुंच गया है। इस समय भारत में 5.5 लाख से ज्यादा 5G बेस स्टेशन हैं। अब भारत में 6G पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने अपने भाषण के दौरान 2020 के कोरोना काल को याद करते हुए कहा कि डिजिटल क्रांति की वजह से ही इस मुश्किल घड़ी में लोग अपने परिजनों से दूर रहकर भी नजदीक थे। सरकार द्वारा डिजिटल क्रांति को हाथों-हाथ लिया गया है। आज किसान सम्मान निधि की वजह से देश के किसान को वित्तीय मदद मिल रही है। यह सब डिजिटल क्रांति की वजह से ही संभव हो पाया है।

