मुख्यमंत्री देर रात प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, आगामी त्यौहारों की तैयारियों, धान खरीद और स्वास्थ्य सेवाओं सहित विभिन्न विषयों पर समीक्षा कर रहे थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और शासन स्तर के अधिकारियों की उपस्थिति रही। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली, गुरु नानक जयंती, ददरी मेला (बलिया) और गढ़मुक्तेश्वर मेला (हापुड़) जैसे आयोजनों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि आगामी पर्व-त्योहारों और मेलों के अवसर पर प्रदेश में ‘स्वच्छता सुरक्षा और सतर्कता’ सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना का कार्य है। प्रत्येक श्रद्धालु की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हर अधिकारी का दायित्व है। भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि स्नान घाटों, मेलों और भीड़भाड़ वाले स्थलों पर अराजक या अवांछनीय तत्वों की उपस्थिति किसी भी दशा में न होने पाए। पुलिस और स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि माहौल पूर्णतः शांतिपूर्ण, सुरक्षित और श्रद्धाभाव से भरा रहे।


