लखनऊ :मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन पुनर्वास केंद्रों को इस तरह से विकसित किया जाए, जहां दिव्यांग व्यक्तियों को एक ही स्थान पर चिकित्सकीय, शैक्षिक, मनोवैज्ञानिक और व्यावसायिक सहायता सहजता से मिल सके।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिव्यांगजनों के समग्र सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों पर दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी दिव्यांगजन ‘सेवा, संवेदना और सम्मान’ के भाव से समाज की मुख्यधारा से वंचित न रहे।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि जिन जिलों में पहले से दिव्यांग पुनर्वास केंद्र संचालित हैं, उनकी सेवाओं को और सशक्त करते हुए मॉडल केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए। वहीं, जहां केंद्र नहीं हैं, वहां उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्थानीय जिला या सरकारी अस्पतालों के परिसर में स्थापित किया जाए, ताकि चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ इनका सहज समन्वय बन सके। यदि सरकारी अस्पताल में स्थान पर्याप्त नहीं है, तो अलग भवन की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन केंद्रों में फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, ऑर्थोटिक व प्रॉस्थेटिक सेवाएं, उपकरण वितरण आदि सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हों।


