मुंबई(शिब्ली रामपुरी) कई दिन के अनशन के बाद जीत का ऐलान करते हुए मराठा आरक्षण आंदोलन में मनोज जरांगे ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगे मान ली हैं.
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल कई दिन से मुंबई के आजाद मैदान में आरक्षण को लेकर आंदोलन कर रहे थे. उनसे बातचीत के लिए महाराष्ट्र सरकार के तीन मंत्री मुंबई के आजाद मैदान में उनसे मुलाकात करने के लिए पहुंचे और इसके बाद मराठा आरक्षण पर जरांगे और सरकार के मंत्रियों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई. इसके बाद जरांगे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रदर्शनकारियो के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने का वादा किया है.मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने सरकार की ओर से ज्यादातर मांगें मान लेने के बाद विजय की घोषणा की। जैसे ही उन्होंने समर्थकों से कहा कि हम जीत गए दोस्तों तो वहां मौजूद हजारों की भीड़ खुशी से झूम उठी। कैबिनेट उपसमिति के प्रमुख मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने जरांगे से मुलाकात कर ड्राफ्ट सौंपा। समिति ने हैदराबाद गजट लागू करने और जिन मराठाओं के पास कुनबी का रिकॉर्ड है, उन्हें जांच के बाद प्रमाणपत्र देने पर सहमति जताई। इसके तुरंत बाद जीआर जारी करने का आश्वासन दिया गया।
क़ाबिले गौर हो कि मनोज जरांगे आंदोलन को कई राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों की ओर से समर्थन दिया गया और इन संगठनों से जुड़े लोगों की मौजूदगी भी वहां पर रही.


