प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो केवल कृतज्ञता का भाव ही नजर आता है। मैं कृतज्ञ हूं, हर उस व्यक्ति, हर उस घटना के प्रति जिसने मुझे कुछ न कुछ सिखाया है। जिसने मुझे जिताया, मुझे विनम्र होना सिखाया। जिसने मुझे गिराया, मुझे फिर खड़ा होना सिखाया। शुभचिंतकों ने मुझे प्रोत्साहित किया और आलोचकों ने मुझे अपने भीतर झांकना सिखाया। जिसने मेरा साथ दिया, मुझे विश्वास की शक्ति दिखाई। जिसने मेरा विरोध किया, मुझे लोकतंत्र की शक्ति समझाई। हर संकट मेरे धैर्य की परीक्षा रहा, हर सफलता ने मेरे दायित्व को विस्तार दिया और हर सिद्धि ने बड़े लक्ष्यों की तरफ बढ़ने का साहस और जज्बा दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि लाल किले से मैंने ‘ सबका प्रयास’ की बात की थी। भारत को नई बुलंदियों पर पहुंचाने के लिए जो जोश और जज्बा चाहिए, वो एक ही संदेश देता है कि हम करके रहेंगे, We Will Do It। 2047 में देश विकसित होगा..We Will Do It।। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर बुधवार को देश की जनता के प्रति आभार जताया है। उन्होंने इस मौके पर कहा कि वह आज जिस पद पर हैं, उसमें सबसे बड़ा योगदान लोगों का है। PM मोदी ने जनसेवा में अपने 25 साल पूरे होने के मौके पर ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को जब मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी, तब मैंने सोचा भी नहीं था कि यह मुकाम भी आएगा। ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनता ने हमेशा मुझे अपनी सेवा के लिए चुना। आज भारत के लोकतंत्र और संविधान का वंदन करता हूं। ह्रदय से अभिनन्दन करता हूं।

