असम की नगांव लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव के लिए मतदान हुआ था। इस दौरान कुल 76.19% मतदान हुआ था। यह उपचुनाव तब जरूरी हो गया था, जब कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने इस्तीफा दे दिया था और इस साल की शुरुआत में BJP के टिकट पर दिसपुर से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीता था। हालांकि, इस नतीजे का संसद में सत्ता के संतुलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बता दें कि नगांव निर्वाचन क्षेत्र में 19.05 लाख मतदाता हैं, जिनमें 9.43 लाख महिलाएं और 50 थर्ड-जेंडर मतदाता शामिल हैं। ये सभी 2,312 मतदान केंद्रों पर वोट डालने के लिए योग्य थे।भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नगांव लोकसभा सीट पर इंडियन नेशनल कांग्रेस को काफी पीछे धकेलते हुए तीसरे स्थान पर पहुंचा दिया है। पार्टी ने 2019 और 2024 के आम चुनावों में यह सीट जीती थी। यह उपचुनाव इसलिए कराना पड़ा क्योंकि कांग्रेस के पूर्व नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने 2019 में यह सीट जीती थी और 2024 में भी इसे बरकरार रखा था। हालांकि बाद में उन्होंने पार्टी छोड़कर BJP जॉइन कर ली और असम विधानसभा चुनाव में चुनाव लड़े। इससे पहले, BJP ने लगातार चार बार (1999, 2004, 2009 और 2014 में) यह लोकसभा सीट जीती थी। राजन गोहेन लोकसभा में चार बार सांसद रह चुके हैं। BJP के राजन गोहेन 1999 से नगांव निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। गोहेन 1991 से भारतीय जनता पार्टी के सदस्य रहे हैं।पूर्व IAS अधिकारी और BJP उम्मीदवार देवाशीष शर्मा ने नगांव लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बड़ी जीत दर्ज की है। उन्हें कुल मिलाकर 7,14,349 मिले, वहीं AIUDF के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल 5,72,125 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। इसके अलावा कांग्रेस उम्मीदवार सिबामनी बोरा 1,29,492 वोटों के साथ काफी पीछे तीसरे स्थान पर रहीं। बता दें कि इस चुनाव में कुल 15 उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन मुख्य मुकाबला BJP, कांग्रेस और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के बीच था।

