दिल्ली :मौलाना मदनी ने कहा, ‘मुसलमानों के सामने एक-दो मसले नहीं, बल्कि मुद्दों का अंबार है। मुल्क की आजादी के बाद सांप्रदायिक मानसिकता को मौका मिला और मुसलमानों के खिलाफ माहौल बनाया गया। जमीयत उलेमा-ए-हिंद सबसे पहले इसके खिलाफ सामने आई थी। हम सांप्रदायिक ताकतों से सड़कों पर नहीं लड़ेंगे, क्योंकि यह देश के लिए सही नहीं है। हमारी लड़ाई उस सरकार से है, जो इन ताकतों को खुला छोड़ रही है।जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने दिल्ली में आयोजित संगठन की जनरल मीटिंग में गुरुवार को सांप्रदायिकता, सरकारी नीतियों और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने मुसलमानों के सामने मौजूद चुनौतियों का जिक्र करते हुए सरकार और ‘सांप्रदायिक ताकतों’ पर निशाना साधा, साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी कि RSS के हालिया प्रस्ताव की तारीफ की। मौलाना मदनी ने जोर देकर कहा कि उनकी लड़ाई सड़कों पर नहीं, बल्कि कोर्ट में होगी।


