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Wed. Aug 5th, 2026
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कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि अगर सितारों को बेजुबान जानवरों के साथ क्रूरता करने की छूट दी गई तो इससे समाज में बहुत गलत संदेश जाएगा।

अदालत का मानना है कि मशहूर होने का मतलब यह नहीं है कि कोई भी कानून से ऊपर हो जाए, खासकर उन मामलों में जहां पीड़ित बेजुबान हों।कोर्ट ने कहा कि अगर लोकप्रिय हस्तियों को सांप जैसे बेजुबान जीवों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाती है, तो इससे समाज को बहुत गलत संदेश जा सकता है।

यूट्यूबर एल्विस यादव पर नवंबर 2023 में मामला दर्ज किया गया था और उन्हें 17 मार्च 2024 को नोएडा में एक रेव पार्टी में सांप के जहर के इस्तेमाल के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

जस्टिस एम एम सुंदरेश और एन कोटिश्वर सिंह की पीठ एल्विस यादव द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने मामले में अपने खिलाफ दायर आरोप पत्र और आपराधिक कार्यवाही को चुनौती दी थी।

एल्विस यादव की तरफ से पेश हुए वकील ने कोर्ट से कहा कि सांपों में जहर की ग्रंथियां नहीं थीं। इसपर शीर्ष न्यायालय ने कड़ी आपत्ति जताते हुए फटकार लगाई और कहा कि कोर्ट वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत शिकायत को लेकर परेशान है। फिलहाल, अदालत ने इस मामले को मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया है। अगली सुनवाई की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।

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