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मुंबई :दिसंबर के आखिरी सप्ताह में, स्क्रीनराइटर्स राइट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SRAI) को कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के तहत एक कॉपीराइट सोसायटी के रूप में काम करने के लिए कॉपीराइट रजिस्ट्रार, उन्नत पी. पंडित से अनुमति मिल गई। इसका मतलब है कि अब यह संस्था नाटकीय और साहित्यिक कार्यों से जुड़ी रॉयल्टी एकत्र कर सकती है।

यह खबर कहानीकारों, पटकथा लेखकों और टेलीविजन, ओटीटी शो और फिल्मों के संवाद लेखकों के लिए बेहद सकारात्मक है। अब वे उम्मीद कर सकते हैं कि उनके रचनात्मक कार्य के लिए उन्हें रॉयल्टी मिलेगी। स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन (SWA) और इसके सदस्यों को इस फैसले की जानकारी 30 दिसंबर की रात वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के कार्यालय द्वारा दी गई, जिन्होंने सोशल मीडिया पर SRAI का प्रमाणपत्र साझा किया।

इस सकारात्मक कदम पर लेखक-निर्माता असीम अरोड़ा ने अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा, “हिंदी फिल्मों के लेखक लंबे समय से शोषणकारी कीमतों पर काम कर रहे हैं। इसमें धीरे-धीरे बदलाव हो रहा है। और अब, श्री अंजुम राजाबली, विनोद रंगनाथ और ज़मा हबीब के वर्षों के संघर्ष और निजी प्रयासों की बदौलत, रॉयल्टी अधिनियम 2012 के संशोधन को अंततः लागू किया जाएगा। लेखक अब अपने काम के लिए संतुष्टि और इनाम महसूस कर सकते हैं, जो हमारे कौशल को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।”

वे आगे कहते हैं, “इससे इंडस्ट्री के लिए मजबूत पटकथाएं और बेहतर फिल्में/शो बनेंगे। संविधान में लेखकों को रॉयल्टी का अहरणीय अधिकार स्पष्ट रूप से दिया गया है, फिर भी इसे दशकों से रोका गया है। अब समय आ गया है कि सभी पक्ष बैठकर गरिमा के साथ मूल रचनाकारों को उनका हक़ दें। यह कदम इंडस्ट्री के लिए सकारात्मक परिणाम ही लाएगा। कृपया हमें सिर्फ भाषणों और चर्चाओं में सशक्त न करें; खुशी-खुशी हमें हमारा हिस्सा, हमारी रॉयल्टी लेने दें। और हम आपको और भी मजबूत और प्रभावशाली कंटेंट के साथ लौटकर देंगे।”

असीम ने हाल ही में सह-निर्माण और लेखन किया है द साबरमती रिपोर्ट, जिसे आलोचकों और दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। अब यह प्रोजेक्ट अवार्ड शो के लिए तैयार हो रहा है।

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