पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने 30 मई 2025 को गाजीपुर में खुद को मृत दर्शाने की साजिश रची। इसके तहत कथित रूप से श्मशान घाट पर चिता पर लेटे शव की एआई से तैयार तस्वीर का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि अपनी मौत की कहानी को वास्तविक दिखाने के लिए शव यात्रा और अंतिम संस्कार से जुड़ी तस्वीरें भी तैयार कराई गईं। इसके बाद मृत्यु और दाह संस्कार से संबंधित प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज बनवाए गए। पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने इन दस्तावेजों के आधार पर नगर पालिका मऊ से भी फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करा लिया। इसके बाद संबंधित दस्तावेज न्यायालय में दाखिल कर खुद को मृत साबित करने का प्रयास किया और फरार हो गया। हालांकि, पुलिस ने जांच के बाद उसकी कथित साजिश का पर्दाफाश करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।मऊ में हत्या के मुकदमे में सजा से बचने के लिए खुद को मृत घोषित करा सजा से बचने के लिए आरोपी ने फिल्मी साजिश रची थी, जिसमें उसने कोर्ट को भी गुमराह करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने इस पूरे मामले से पर्दा उठाने के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।मामला 19 दिसंबर 2016 का है जब मुंशीपुरा रेलवे लाइन के पास योगेश सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मृतक के भतीजे अविनाश सिंह की तहरीर पर राजू उर्फ राजकुमार राजभर और उसके दोस्त सुदर्शन राजभर के खिलाफ कोतवाली नगर में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था और न्यायालय में सुनवाई चल रही थी।
