पीएम मोदी ने कहा कि AI के दौर में नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि AI नियमित और बार-बार किए जाने वाले काम तेजी से पूरा करके उत्पादकता बढ़ा सकता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल लोगों की स्वतंत्र रूप से सोचने की क्षमता को सीमित करने के बजाय उसे और बेहतर बनाने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि तकनीक का उपयोग इस तरह होना चाहिए, जिससे इंसानों की सोचने, समझने और नए विचार विकसित करने की क्षमता को बढ़ावा मिले।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को भविष्य की तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ इनोवेशन के क्षेत्र में साहसिक कदम उठाने चाहिए और इनके विकास में दुनिया का नेतृत्व करना चाहिए। विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन (ESTIC-2026) को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई सोच और नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। देश का लक्ष्य भारत और पूरी दुनिया के वर्तमान और भविष्य के लिए नई तकनीक बनाना और उसे सही दिशा देना है।पीएम मोदी ने AI के दौर में बढ़ रहे साइबर सुरक्षा के खतरों के प्रति भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि ये खतरे वित्तीय नेटवर्क और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकते हैं। प्रधानमंत्री ने ऐसे सुरक्षा समाधान विकसित करने की जरूरत बताई, जो AI पर आधारित खतरों का मुकाबला कर सकें। इससे देश की महत्वपूर्ण प्रणालियों की सुरक्षा की जा सकेगी और तकनीक का इस्तेमाल मानवता की सेवा के लिए किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ESTIC-2026 सम्मेलन में भारत को भविष्य की तकनीकों के विकास में वैश्विक नेतृत्व करने का लक्ष्य दिया

