सम्मेलन में उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान , यूपी समेत विभिन्न राज्य के 150 वरिष्ठजनों ने हिस्सा लिया। जिसमें में 25 महिलाएं और 125 पुरूष शामिल रहे।सम्मेलन में बैंक, शिक्षक, सिंचाई , बिजली समेत विभिन्न सरकारी विभागों से सेवानिवृत्त व होटल कारोबारी, प्रोपर्टी डीलर व बिजनेस आदि अन्य निजी क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हुए।अनुबंध फाउंडेशन के एके अग्रवाल ने बताया कि सम्मेलन के जरिये वरिष्ठजनों को एक-दूसरे को जानने-समझने का अवसर दिया गया। इस मौके पर एक का परिचय कराया गया।उन्होंने बताया कि सम्मेलन में 50 से 80 वर्ष आयुवर्ग तक के विधवा-विधुर और तलाकशुदा वरिष्ठजनों ने हिस्सा लिया। आयोजन स्थल पर ही काउंटर पर सभी के पंजीकरण कराए गए। संस्था की ओर से अभी तक सौ परिचय सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं।राजधानी में वरिष्ठजन जीवनसाथी परिचय सम्मेलन एक यादगार पलों में शामिल हो गया। परिचय सम्मेलन में पहुंचा हर शख्स उत्साह व उमंग से भरा दिखा। उत्तराखंड समेत मध्यप्रदेश, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान ,यूपी से बड़ी संख्या में जीवनसाथी के तलाश में लोग परिचय सम्मेलन में पहुंचे।देर शाम तक परिचय सम्मेलन निरंतर चलता रहा। रविवार को गांधी रोड स्थित अग्रवाल धर्मशाला में अनुबंध फाउंडेशन की ओर से वरिष्ठजन जीवनसाथी परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया।समाज में अक्सर उम्र बढ़ने के साथ वरिष्ठजनों की भावनात्मक जरूरतों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। जीवनसाथी के गुजर जाने, तलाक, पारिवारिक परिस्थितियों अथवा अविवाहित रह जाने के कारण अनेक लोग जीवन के उत्तरार्ध में अकेलेपन का सामना करते हैं। उन्हें भी एक ऐसे साथी की जरूरत होती है, जिसके साथ वे अपने अनुभव साझा कर सकें, अपनी भावनाओं को समझा सकें और जीवन के बचे हुए सफर को सम्मान, अपनत्व और शांति के साथ बिता सकें।
अनुबंध फाउंडेशन का यह प्रयास इसी सोच को आगे बढ़ाता है कि जीवनसाथी की तलाश केवल युवावस्था तक सीमित नहीं है। उम्र के किसी भी पड़ाव पर इंसान को प्रेम, साथ, संवाद और भावनात्मक सहारे की जरूरत हो सकती है। सम्मेलन का उद्देश्य इच्छुक वरिष्ठजनों को आपसी परिचय का अवसर देना है, ताकि वे अपनी इच्छा और सहमति से जीवन के नए अध्याय की शुरुआत कर सकें।

