इजरायल में अरब-नेतृत्व वाले दलों ने गुरुवार को विपक्षी नेता गादी आइसेनकोट को देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में समर्थन देने का कदम उठाया। इससे उनके गुट को 120 सदस्यीय ‘नेसेट’ (संसद) में 67 सांसदों का समर्थन मिल सकता है, जो सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत के आंकड़े से अधिक है। एएफपी (AFP) के अनुसार, ‘जॉइंट लिस्ट’ ने आज गुरुवार को एक बयान में कहा कि वे आज शाम देश के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग को अपने फैसले के बारे में सूचित करेंगे। इस फैसले के तहत, वे राष्ट्रपति से सिफारिश करेंगे कि सरकार बनाने की जिम्मेदारी गादी आइसेनकोट को सौंपी जाए।’द टाइम्स ऑफ इजरायल’ की रिपोर्ट के अनुसार, ‘जॉइंट लिस्ट’ ने गुरुवार को अपना समर्थन घोषित किया और कहा कि सरकार गठन को लेकर होने वाली बातचीत के दौरान वे राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग से औपचारिक रूप से आइसेनकोट के नाम की सिफारिश करेंगे। ‘राआम’ पार्टी के आठ सांसदों ने पहले ही अपना समर्थन देने का वादा कर दिया था।नेतन्याहू के गुट के पास 53 सीटें हैं, लेकिन हो सकता है कि उन्हें अपने सभी सदस्यों से सिफारिशें न मिलें। ‘यूनाइटेड तोराह जुडाइज्म’ (United Torah Judaism) के पास कुल सात सीटें हैं, जिनमें से चार पर ‘देगेल हातोराह’ (Degel HaTorah) का नियंत्रण है। इस पार्टी ने कहा है कि वह किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में सिफारिश नहीं करेगी।
बता दें कि गादी आइसेनकोट को अब 120 सीटों वाली ‘नेसेट’ (इज़रायली संसद) के 67 सदस्यों का समर्थन मिलने जा रहा है। इसके साथ ही, वे मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से आगे निकल गए हैं, जिनकी ‘लिकुड’ पार्टी के गठबंधन के पास 58 सीटें हैं। इस समर्थन में अरब-नेतृत्व वाली ‘राआम’ पार्टी के 8 सांसद (जिन्होंने पहले ही अपना समर्थन देने की घोषणा कर दी थी) और ‘जॉइंट लिस्ट’ के 11 सदस्य शामिल हैं। पिछले हफ्ते हुए आम चुनावों में, इज़रायल की 120 सीटों वाली संसद में अरब-नेतृत्व वाली पार्टियों ने रिकॉर्ड 19 सीटें जीती हैं।

