कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबु कुमार के मुताबिक, अंतिम मतदाता सूची में 2,25,83,107 पुरुष, 2,29,14,063 महिलाएं और 2,841 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। राज्य में 18 से 19 साल के 6.83 लाख से ज्यादा मतदाता हैं, जबकि 85 साल या उससे अधिक उम्र के 3,92,134 मतदाता हैं। इसके अलावा, कर्नाटक की सूची में 3,252 प्रवासी भारतीय (NRI) मतदाता भी दर्ज हैं।
SIR के बाद क्यों हटाए गए इतने नाम?
शुरुआती जानकारी में बताया गया है कि हटाए गए नामों में बड़ी संख्या उन लोगों की है, जो स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए हैं, अपने पते पर नहीं मिले या जिनकी मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा, एक से अधिक बार दर्ज नामों को भी हटाने की बात कही गई है। हालांकि, इन श्रेणियों के शुरुआती आंकड़ों का कुल योग 99.32 लाख से मेल नहीं खाता। इसलिए श्रेणीवार आंकड़ों की मूल सूची से पुष्टि जरूरी है।कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो गई है। चुनाव आयोग ने 27 अक्टूबर को अंतिम वोटर लिस्ट जारी कर दी। इसके मुताबिक, राज्य में करीब 99.32 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। SIR से पहले कर्नाटक में 5.54 करोड़ मतदाता थे, जबकि अब यह संख्या घटकर 4.55 करोड़ रह गई है। यानी कुल मतदाताओं की संख्या में करीब 18 फीसदी की कमी आई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं, वहीं चुनाव आयोग ने पूरी प्रक्रिया का ब्यौरा दिया है।

