मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी जिलों के जिलाधिकारियों यानी DM को सरकारी स्कूलों का दौरा करने के निर्देश दिए जाएं। DM स्कूलों में जाकर यह देखें कि बच्चों को मिड-डे मील अच्छी गुणवत्ता का मिल रहा है या नहीं। इसके अलावा बच्चों को मुफ्त ड्रेस और किताबें मिली हैं या नहीं, इसकी भी जांच की जाए। अगर किसी स्कूल की बिल्डिंग या दूसरी बुनियादी व्यवस्था में कमी है तो उसे भी दूर किया जाए।
योगी ने विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने को कहा है। इन अधिकारियों को संस्थानों की व्यवस्थाओं की निगरानी की जिम्मेदारी दी जाएगी। साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जो अधिकारी अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि अगर स्कूलों के बच्चे या कॉलेज के छात्र अपनी किसी समस्या को लेकर प्रदर्शन करते हैं, तो उनकी आवाज दबाने की कोशिश न की जाए। अधिकारी उनकी बात सुनें और समस्या का समाधान निकालें। योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और जहां भी व्यवस्था में कमी है, उसे तुरंत दूर किया जाए। पिछले 3 दिनों में लखनऊ, महोबा, उन्नाव और कन्नौज समेत कई जिलों में छात्रों के प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों के प्रदर्शन को दबाने के बजाय उनकी समस्याएं सुनकर समाधान करने का निर्देश दिया

